जनता करे त्राहिमाम सरकार ढूंढे ऐशोआराम: शिवसेना

आवाम से सड़कों पर उतरने का आवाहन

जम्मू। वादों को पूरा करने के लिए बजट नहीं , संविदा कर्मियों के लिए वेतन नहीं, खुद का वेतन होगा दोगुना, जनता पर ‘पहले पैसा फिर बिजली’ की तुगलकी व्यवस्था होगी लागू , ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि “अंधा बांटे रेवड़ियां, मुड़- मुड़ अपनों को दे”, यह कहना है शिवसेना (यूबीटी) जम्मू-कश्मीर इकाई प्रमुख मनीश साहनी का।

पार्टी प्रदेश मध्यवर्ती कार्यालय में आयोजित आज एक पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष मनीश साहनी ने कहा कि 23 अकतूबर को शुरू हुआ विधानसभा सत्र कल यानि 31 अकतूबर को समाप्त होने जा‌ रहा है।

एकबार फिर‌ निशुल्क बिजली, मुफ्त गैस सिलेंडर , प्रीपेड बिजली व्यवस्था समेत तमाम जन मुद्दों पर जनता को निराशा हाथ है । वही विभिन्न विभागों में कार्यरत लगभग 61000 अस्थाई व दैनिक वेतन भोगी जो पिछले लगभग 1200 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर है, उनहे भी मौखिक आश्वासनों के सिवा कुछ नहीं मिला । अपने वादों को पूरा करने में अधिकार व बजट नहीं होने के घडियाली आंसू बहाने वाली नेका सरकार , विधायकों का वेतन दोगुना करने जा रही है । वही आर्थिक मंदी महंगाई , बेरोजगारी से जूझ रही जनता पर प्रीपेड व्यवस्था जबरन थोपने के खिलाफ विधानसभा में विपक्षी ( भाजपा) के किसी विधायक का मुह नहीं खुला।

साहनी ने कहा कि एकबार फिर जनता अपने को ठगा हुआ महसूस कर रही है , जन प्रतिनिधि चुनने में भी शायद हमारे से बहुत बड़ी भूल हो चुकी है।

साहनी ने सरकार से जनता का आर्थिक शोषण से बाज आने की चेतावनी के साथ आवाम से अपने अधिकारों व सरकार के तानाशाही के खिलाफ सड़कों पर उतरने का आवाहन किया है। इस अवसर पर राजू चौधरी (को-चेयरमैन), आदित्य महाजन (सचिव), जसबीर सिंह (सह-सचिव) उपस्थित रहे।

छोटी सी बहस बड़ा विवाद JMC कर्मचारियों पर गेट के बाहर कूड़ा फेंकने का आरोप इलाके में हंगामा: जम्मू शहर में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब JMC (जम्मू नगर निगम) के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्मचारी मामूली कहासुनी के बाद घरों के बाहर कूड़ा फेंककर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं।आज भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया,जहां थोड़ी सी बहस के बाद कर्मचारियों ने कथित तौर पर एक घर के गेट के सामने कूड़ा डाल दिया। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय निवासियों ने इस तरह के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाए जाएंगे इस पर सबकी नजर बनी हुई है।

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