शरारती तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई व मुस्लिम नेताओं को जुबान पर लगाम की नसीहत।
जम्मू :- शिवसेना (यूबीटी) जम्मू-कश्मीर ईकाई प्रमुख मनीश साहनी ने महबूबा , इल्तिजा मुफ्ती जैसे मुस्लिम नेताओं के विवादित व राष्ट्रीय भावनाओं को आहत करने वाले बयानों को अन्य राज्यों में कश्मीरी छात्रों व (शॉल) विक्रेताओं के साथ मारपीट का एक मुख्य कारण बताया है।
पार्टी प्रदेश मध्यवर्ती कार्यालय में पत्रकारों से विशेष बातचीत पर मनीश साहनी ने कहा कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा कश्मीरी छात्रों व शॉल विक्रेताओं के साथ मारपीट की घटना की वह कड़ी निंदा करते हैं। इन शरारती तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के हक मे है। उनका मानना है कि महबूबा, इल्तिजा मुफती जैसे कुछ नेताओं के विवादित व राष्ट्रीय भावनाओं को आहत करने वाले बोल इन हमला का एक मुख्य कारण है।
साहनी ने इल्तिजा मुफ्ती के ‘भारत माता की जय’ बोलने पर एतराज व एक क्रिकेटर के हेलमेट पर फिलिस्तीनी झंडा लगाने के समर्थन जैसे बयानों की कड़ी निंदा की है । साहनी ने कहा कि इससे पूर्व भी मा-बेटी (महबूबा व इल्तिजा मुफ्ती ) भारत को
लिंचिस्तान जैसा विवादित व राष्ट्रीय भावना को आहत करने वाला बयान दे चुकी है। साहनी ने कहा कि इन नेताओं के बयान भी लिंचिंग जैसी हरकतों को अंजाम देने वाले शरारती तत्वों जैसा ही है ।
साहनी ने कहा आज जिस भारत माता की जय बोलने पर एतराज जताया जा रहा है उसी देश ने 8 दिसंबर 1989 को महबूबा मुफ्ती की सगी बहन व इल्तिजा की मासी रूबिया सईद के अपहरण के बदले पांच खतरनाक आतंकवादीयो तक को रिहा किया था।
आज इल्तिजा जिनका विरोध कर रही है , सन् 2014 में उसी के साथ सरकार चला चुकी है।
साहनी ने कहा शरारती तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ इनके नेताओं को अपने विवादित बोल पर भी लगाम रखनी होगी।
इस मौके पर विकास बख्शी, संजीव कोहली, अदितय महाजन, राजू कपूर उपस्थित रहे।
बाकस
बीसीसीआई के फैसले का सवागत , पूर्ण बहिष्कार की मांग।
जम्मू:- शिवसेना (यूबीटी) जम्मू-कश्मीर ईकाई प्रमुख मनीश साहनी ने बीसीसीआई के आईपीएल से बांग्लादेशी खिलाडियों को बाहर रखने के फैसले का सवागत किया है इसके साथ ही फरवरी में होने जा रहे टी-20 में बांग्लादेश का बहिष्कार व अकतूबर-सितम्बर में बांग्लादेश के भारतीय टीम के दौरे के दावों को नकारने की मांग की है।

