आज सर्वपितृपक्ष अमावस्या पर मोक्षदायिनी छोटी काशी उतरवहनी मैं श्रद्धालु दूर-दूर से आकर माँ गुप्त गंगा में स्नान और अपने पितरों के निमित्त पिंडदान श्राद्ध तर्पण कर रहे हैं पंडित श्री अश्विनी जी ने बताया सनातन धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। यह समय उन पूर्वजों को स्मरण कर श्रद्धा अर्पित करने का होता है पितृ पक्ष में हमारे पितर धरती पर अपने परिजनों से मिलने आते हैं। इस अवधि में उनके नाम से श्राद्ध, तर्पण, दान और पूजा करके उन्हें संतुष्ट किया जाता है ताकि वे अपने लोक में प्रसन्न होकर सपरिवार को आशीर्वाद प्रदान करें आश्विन माह की अमावस्या को पितृ विसर्जन अमावस्या कहा जाता है। इस दिन पितरों को विदाई देने का विशेष विधान है अमावस्या तिथि का श्राद्ध, अज्ञात मृत्यु तिथि वाले पितरों का श्राद्ध, सर्वपितृ श्राद्ध तथा श्राद्ध पक्ष का समापन होगा और पितृ पूजा के साथ-साथ विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जा रहा है 🙏🙏